अधपके रिश्ते में,अभी भरोसा है आधा अधूरा,अभी इसे ज़रा पनपने दो।अभी तो साज़ छेड़ा है,अभी सरगम पूरी होने दो।महकेगा गुलशन भी,कलियों को खिलने दो।हर बात होगी मनचाही,हर बात को थोड़ा वक़्त तो दो।