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पाठशाला


ये सृष्टि न्यारी,ये दुनिया सारी,पाठशाला है बड़ी।ये अविरत सिखातीं,जीवन के पाठ पढ़ातीं।सही-ग़लत, अच्छा-बुरा,हर उदाहरण है दिखातीं।चहू ओर है ज्ञान का भंडार।है ये अथांग सागर विशाल।गौर से देखो,ग्रहण करो,जितना सीखोगे,प्यासे रह जाओगेइसका ना कोई पार।

— सम्रिता®
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