इस ज़िंदगी की सौगात है मेरे लिए।
ख्वाबों, ख्वाहिशों की बारात है मेरे लिए।
छोटी-बड़ी हार से,
मैं क्यों मायूस हो जाऊँ!
दो हाथों, दो कदमों का साथ है मेरे लिए।
गिर कर, उठना, उठ कर आगे बढ़ने का हौसला है मुझ में।
ये धरती, ये आसमाँ,
ये सारा जहाँ है मेरे लिए।
सम्रिता®

