दिल की बात कहने के लिए, 

खास पल का इंतज़ार क्यों?

प्यार के इज़हार के लिए, 

किसी तारीख का इंतज़ार क्यों?

इस इंतज़ार में, 

कुछ हादसे हो जाते हैं यूँ भी,

चाहते हो जिन्हें, 

उनके रास्ते बदल जाते हैं कभी।

प्यार करने के लिये वक़्त की पाबंदी क्यों?

दिल की बात कहने से, 

दिल को रोकना क्यों?

प्यार के लिये तो, हर वक़्त है सही।

जो मन में बसते हैं, 

उनसे कह दो अभी।