मोहब्बत का पैगाम देने वाले,मायूस न हो इस बात से,कि काँटे भी चुभते हैं,इश्क़ की राह पर चलते चलते।न भूल काँटों भरी शाख पर ही,महकते हुए फूल खिलते हैं।
मोहब्बत का पैगाम देने वाले,मायूस न हो इस बात से,
कि काँटे भी चुभते हैं,इश्क़ की राह पर चलते चलते।
न भूल काँटों भरी शाख पर ही,महकते हुए फूल खिलते हैं।