हृदय और नयनों का,कैसा अनोखा नाता है!आनंद या पीड़ा होती हृदय को,नैनन नीर बहता है।
हृदय और नयनों का,कैसा अनोखा नाता है!
आनंद या पीड़ा होती हृदय को,नैनन नीर बहता है।