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गुनाह


दुनिया में ऐसे भी लोग हुआ करते हैं,छोटी सी बात का,बवाल मचाया करते हैं।औरों को दोष देकर,खुद के गुनाह,छुपाया करते हैं।लाख छुपाओ मगर,कोई भी क़ुसूर कब तक छुप पाता है!चीख चीख कर हर गुनाह,अपनी दास्तान सुनाता है।

— #सम्रिता®
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