उंगली पकड़ कर कदम से कदम मिलाते।बच्चों संग बच्चे बनते,दादाजी बड़े प्यारे हैं।दादी जी के तो क्या कहने!मन पसंद पकवान खिलाती,उनकी लोरियां, कहानियां,हमें हैं भाती।दादी जी के हम दुलारे हैं।
उंगली पकड़ कर कदम से कदम मिलाते।बच्चों संग बच्चे बनते,दादाजी बड़े प्यारे हैं।
दादी जी के तो क्या कहने!मन पसंद पकवान खिलाती,उनकी लोरियां, कहानियां,हमें हैं भाती।दादी जी के हम दुलारे हैं।