कहना तो बहुत कुछ चाहती हूँ।

पर तुम्हारे बाहों में आकर, 

सबकुछ भूल जाती हूँ।


बतियाती हैं धड़कनों से जब धड़कनें,

तुम्हारी आँखों में मैं खो जाती हूँ।


कोई जादू है तुम्हारे हाथों में।

सिर्फ इनके छूने से, 

गुम हो जाती है सब शिकायतें, 

हर दर्द भूल जाती हूँ।


हर कमी से बढ़कर तुम्हारा प्यार पाती हूँ,

जब दिल के तराज़ू में, इसे तोलती हूँ।


कभी नाराज़ हो जाती हूँ।

पर दिल के आईने में,

दिखती है जब छवि तुम्हारी,

अपने आप ही मुस्कुराती हूँ।