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आँसू


पलकों की बरौनी से झूलते मोती,कभी ग़म के, कभी खुशी के आँसू कहलाते हैं।ये आँसू दिल की दास्तान सुनाते हैं।आँसू बहुत कुछ कह जाते हैं,जब आँखों से बरस जाते हैं।

— सम्रिता®
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