ना इसका कहीं जिक्र है,

नाही दुनिया को इसकी फिक्र है।

लेकिन फिर भी चेहरे पर मुस्कान हैं!

क्योंकि मेहनत करने की लगन है।।


ना इसको पढ़ना आता है,

नाही इसको कोई लिखना सिखाता है।

लेकिन फिर भी चेहरे पर मुस्कान हैं!

क्योंकि मेहनत करने की लगन है।।


ना इसके माथे पर टीका चंदन है,

नाही संवर रहा इसका बचपन है।

लेकिन फिर भी चेहरे पर मुस्कान हैं!

क्योंकि मेहनत करने की लगन है।।


ना इसके पैरों में पायल है,

नाही इसके हौसले घायल है।

लेकिन फिर भी चेहरे पर मुस्कान हैं!

क्योंकि मेहनत करने की लगन है।।


ना इसके हाथों में कंगन है,

नाही इसके कोई घर - आंगन है।

लेकिन फिर भी चेहरे पर मुस्कान हैं!

क्योंकि मेहनत करने की लगन है।।


ना इसके कानों में बाली है,

नाही कोई करता इसकी रखवाली है।

लेकिन फिर भी चेहरे पर मुस्कान हैं!

क्योंकि मेहनत करने की लगन है।।


ना इसके पास सोने को बिस्तर है,

नाही शरीर पर वस्त्र सुन्दर है।

लेकिन फिर भी चेहरे पर मुस्कान हैं!

क्योंकि मेहनत करने की लगन है।।


~ सम्पत मेनारिया