जिन आँखों से निहार रहे हो उन्को,
उन्ही आँखों ने देखा है, हर बुरे अच्छे पल को |
ये ४ आँखें ही तो हैं जो बोलती हैं..
वरना शब्द तो कबके सुक्क गए होते अब तक |
अब तक जिस शिद्दत से संभाला है ||
उन्होंने इन आँखों को |
उसी वज़ह से आज ये पल मिला है हम सबको,
जिस प्यार में जिये हैं हर दिन आप दोनों ने ||
उसी प्यार को खूब दुआएँ हैं हम सबसे..
खूब दुआएँ हैं हम सबसे ||
