तुझे देखना था इत्तेफ़ाक, तुझसे मिलना नसीब था,
तेरी आरज़ू थी मेरा जुनून, तुझे पाना मेरा सुकून था।
तेरी बातों में थी वो मिठास, जो हर लफ़्ज़ से खास थी,
तेरी खामोशी में भी वो असर, जो दिल के बहुत पास थी।
तेरे इंतज़ार में बीते पल, जैसे कोई इबादत थी,
तेरे बिना जो अधूरा था, वो तेरे साथ मुकम्मल हसरत थी।
तेरे जाने के बाद भी तेरा एहसास मेरे करीब था,
तू दूर होकर भी मेरे दिल की सबसे हसीन तसवीर थी।
