मेघ चलता है
उसका भी घर है।
सिर्फ बारिश करना नहीं
उसे भी आता है प्यार निभाना
जब दो बिछड़े बादल मिलते है
प्रकाश की चमक धरती पर पड़ती है
फिर गर्जन होती है
लगता है जैसे
समुद्र को उथल पुथल कर देगा
पागल मेघ
मिलने का जश्न इस तरह मनाता है...

मेघ चलता है
उसका भी घर है।
सिर्फ बारिश करना नहीं
उसे भी आता है प्यार निभाना
जब दो बिछड़े बादल मिलते है
प्रकाश की चमक धरती पर पड़ती है
फिर गर्जन होती है
लगता है जैसे
समुद्र को उथल पुथल कर देगा
पागल मेघ
मिलने का जश्न इस तरह मनाता है...