ये चाँद-तारे, ये महफ़िलसब एक् दिन छूटने को हैक्यों आपस मे मज़हबी बैर रखते होसबको एक दिन एक ही दरबार मेंमिलने को हैजहाँ मज़हब की मुराद छीन लिए जायेगेऔर कर्मों के मापदंड पेजहन्नुम या जन्नत दिए जायेगे
ये चाँद-तारे, ये महफ़िलसब एक् दिन छूटने को है
क्यों आपस मे मज़हबी बैर रखते होसबको एक दिन एक ही दरबार में
मिलने को हैजहाँ मज़हब की मुराद छीन लिए जायेगे
और कर्मों के मापदंड पेजहन्नुम या जन्नत दिए जायेगे