मोरे नैना तोहे देखन तरसे हाय,
पल पल याद तुमरी मन बेचैन करे जाय,
तस्वीर देख तुम्हारी होंठ उसे चूमे जाय,
साथ बिताया वक्त दिल को राहत दे जाय,
याद में तुमरी नैनो से सावन बरसे हाय,
स्वर तुम्हारा प्रेमऋतु पावन किए जाए,
तुम रानी मेरी और मुझे राजन सा महसूस कराए,
जी करता पास आ के रखु तोहे गले लगाएं,
रूह से मिल गए हो अंतर आत्मा को तुम मेरी जगाए।
- समीर


