है रंग कई दुनिया में, तू कौनसा देख रहा है?

तुझे वही दिखेगा जो तू देखना चाहता हैं!


तू चुन इनमें से जो तुझे हर्षित करे,

तू चुन इनमें से जो तुझे उल्हसित करें।


पहले पहचान जो रंग खुद में है,

फिर जान जो रंग तुझमें है!


हों भले तेरे साथ लाख साजिश,

पर खुद्रंग बनने की तू कर कोशिश।


मत बन पत्थर सा संगीन,

खुद संग कर तू दूसरों की ज़िन्दगी रंगीन।


       - समीर