हैं सपने तुम्हारी आंखों में!

तुम करोगे उन्हें साकार,

हैं तुम में वो क्षमता जो दें सके जीवन को सही आकार।


तुम बनोगे कईयों की प्रगति का माध्यम,

क्योंकि हर गुण हैं तुम में उत्तम,

कभी ना समझना खुदको किसी से कम,

आगे बढ़ाओ तुम अपने कदम।


चुनौतियां ही बनाएंगी तुम्हें दमदार,

दें सकोगे दूसरों को आधार,

सत्य की हैं यही सौगात, करती ये उद्धार,

सीख लो करना सत्य को स्वीकार।।


- समीर