पूर्ण हो रहें कॉलेज के साल,
जिनमें सीखा खूबसूरत पलों को संजोना हर हाल,
लगता खत्म हो रहे दिन किताबी पढ़ाई के,
अक्सर प्राप्त होंगे किन्तु अवसर अनोखे सीखने के!
दोस्त रहेंगे कॉलेज के बाद भी साथ,
जगाते रहेंगे घनिष्ठता का एहसास,
कुछ अच्छे,कुछ सच्चे,
कुछ के मन प्रौढ़ बनें तो कुछ के अभी भी बच्चे,
शिक्षक मिले कुछ पढ़ाने वाले तो कुछ सिखाने वाले,
जिन्होंने समझा हमेशा अपने बच्चों जैसा,
ज्ञान दिया ऐसा जिसके सामने फीका पड़े पैसा,
यही पर मिला एक ऐसा सुंदर इंसान,
जिसने सुवर्ण कर दिया ज़िन्दगी का हर पान,
कुछ सालों बाद सब काम में व्यस्त हो जाएंगे,
कॉलेज का कैंपस और कॅन्टीन याद करेंगे,
पर एक सुनहरी बात हैं निश्चित,
कॉलेज ने हमें बनाया सुशील तथा शिक्षित,
अपने कार्य का झंडा समाज में हम फहराएंगे,
ईमानदारी की मज़बूत नींव से हर कहर को पार कर जाएंगे।
- समीर


