जीवन के इस सफर में खुद का एक रास्ता बनाओ,
आएंगी कई रुकावटें रास्ते में दृढ़ निश्चय से उन्हें हटाओ,
समाज का भी हो कल्यान ऐसा कुछ तुम कर जाओ,
अन्य हो तुमसे प्रेरीत ऐसा अपना व्यक्तित्व बनाओ,
जहां हो अज्ञान का अंधकार ज्ञानदीप वहा जलाओ,
बानो सक्षम के दिखे भूका तो दो निवाले खिला पाओ,
दिखे गर दुःख में कोई उसके दिल को तुम समझ पाओ,
गर मायूस हो कभी तो शांत कर अपने मन को समझाओ,
रखो खुदपर विश्वास और पार हर चट्टान कर जाओ,
तुम्हारे बाद भी रहो याद तुम ऐसा सफल कर्म कर जाओ।
- समीर

