जो है सब कुछ यहाँ मेरा कुछ भी नहीं
तूने सब कुछ दिया मेरा कुछ भी नहीं
तेरे आँचल तले मेरी सांसें चलें
रब की जन्नत सदा तेरे कदमों तले
मेरी माँ तू हमेशा सलामत रहे.......
तेरे हिस्से का वक़्त केसे मैंने लिया
तेरी नींदों को काफ़ूर मैंने किया
तेरे जगरतो का एहसान मुझ पर रहे
तेरे साये तले मेरा जीवन पाले
मेरी माँ तू हमेशा सलामत रहे.......
माँ से प्यारा तो कोई बोल सकता नहीं
उसकी ममता का हो मोल सकता नहीं
मुझको हाथों से अपने खिलाती है तू
मेरे लिए तेरे रौजे फाकों मे बदलते रहे
मेरी माँ तू हमेशा सलामत रहे.......
तुझसे दूर अब ये ज़िंदिगानी हुई
दिरहम डोलर रुपे की जवानी हुई
थक गया हूँ बहुत भागा दोड़ी हुई
फिर से तेरी गोद ओर परियों की कहानी रहे
मेरी माँ तू हमेशा सलामत रहे.......
