
शब्द "दाग"
तुम्हारे साथ भाषा, समाज और कलाविधा ने
अन्योचित व्यवहार किया है।
नकारात्मकता की पराकाष्ठा,
उपेक्षा का रसातल और
बदनामी ही
तुमको आभार किया है।
पर क्या यह सही है?
और हां,
तो धर्मकांटे पर इसको आज तौला जाए,
कुछ और भी मतलब है तुम्हारा,
तो वो द्वार भी खोल जाए।
शायर जिस चांद में प्रेमिका को देखता रहा,
उसमें भी दाग है।
मां के आंखों का काजल
टीका ब
Read More! Earn More! Learn More!
