खून का रंग- कैसे तय होता है? विज्ञान की मानें तो आर बी सी से परिवार की माने तो माँ-बाप से समाज की माने तो जाति, धर्म,वर्ण से राजनीति की माने तो वोट और नोट से। इतने मानक है फिर भी लहू लाल ही है फिर इतने मानक क्यों है और सब भ्रामक क्यों हैं। क्या इतना मानना काफी नहीं खून किसी भी मानक का हो धमनियों में जब तक दौड़ता है ज़िंदा रहता है और जब सड़क के बीच आता है तो मर जाता है। क्या हमें अब मानक बदलने नहीं चाहिए और खून का रंग केवल जीवन और मृत्यु से तय करने चाहिए। सलिल सरोज