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आ जमाने


आ जमाने देख लेंगेतुझसे भी टकराकरदर-बदर भटककरहजार ठोकरें खाकर

चाहे खड़ी कर चट्टानेंया लोगों को बांधा बनाकरआ जाएंगे किस्मत के आड़ेनई किस्मत बनाकर

हम तूफानों से डरे ही कबहँसकर जिये गले लगाकरऊँची लहरेगी विजयपताकाजरा कद अपना ऊँचा कर

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