"खुदा़ की अदालत में जिस दिन हिसाब होगा,
कुदरत का ज़र्रा-जर्रा़ मेरी वफ़ा का गवाह होगा,
~shanu✍️
झुक जाएंगी नजरें तेरी जब वो फैसला सुनायेगा,
तब तुझे तेरा किया हर वो कर्म याद आएगा,
~shanu✍️
यूं जो गिरगिट की तरह रंग बदले हैं तुमने,
सब्र रख ऐसा हि वक्त़ कभी तेरा भी आएगा"!!
~shanu✍️
