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तय रहा


इश्क़ में होता है नफा, तय रहामरेंगे नही होके जुदा, तय रहा

नया इश्क, नई वो, नये तुमफिर मिलेगा गम नया, तय रहा

जुदा होकर , शायरी करेगेंनही करेंगे कोई नशा, तय रहा

©सजल श्रीवास्तव

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