कभी कभी आंधी सी बहती है जिंदगी..
और कभी..
शाम की तरह शांत होती है..
कभी...सुकून जी भर के देती है...
तो कभी फुट फुट कर रूलती है...

कभी हमें खुश करके...
ये याद बनाती है....
फिर दुख देखे उन्ही याद से तरसाती है

हमारी तमाम कोशिशो को ये चूर चूर कर देती है...
पर यही है जो हार न मनने पर मजबूर करदेती है...

हमारी कमी और हमारी ताकतों का एहसास करवाती है..
हमें गिरा कर दुनिया को हस्‍वती है..
उसी हसी से ये हम में चिंगारी लगवती है
और टूटा हुआ जो था वो जज्बा जगती है..

कभी...भरी थंड मी...धूप सी उम्मीद देती है...
जैसे  ही..खुश होते हैं हम
हमसे मौका छीन लेती है...
हमें सुंदर सपने दिखा के ... दुनिया से धोखा खिलवाती है ..
दोस्तो इसि की का नाम है जिंदगी जो हमें सब कुछ सिखाती है