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सफर


खुद से खुद को जो पाने चला हूंऐ ज़िन्दगी तुझे आजमाने चला हूँ

खुद को खुद से ही रूठने मनाने लगा हूँअपने दिल को भी अब समझाने लगा हूँ।

— #शैलेष त्रिपाठी
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