सच_साई महापात्र
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सच के आंगन में झूठ का एक पोधा है
जिसको सब देखते है और इए ग़लत है जानते है फ़िर भी उसे पानी देते रहते है
इए आजकल के दुनिया का एक नया तौर बन गया है
ग़लत होते हुए सब देखते है पर किसीको कुछ परक नहीं पड़ता है
सच बिक जाता है यहां कोडियो के मोल झूठ का दबदबा कायम रहता है
कोई अगर रास्ते में रुकावट बने तो उसे रास्ते से हटाने में ज्यादा वक्त नहीं लगता है
आरे यहां तो जिहाद के नाम पर कत्ल खुलेआम होते रहते हैं
किसीको जहां इंसाफ़ मिल नहीं पाता अदालतों में केस बरसों तक चलते रहते हैं


