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तलाश


कांटे चुभे हों पाँव में पर दिल पलाश होआंधी से जूझता दिया भी ना हताश हो

क़दमों के निशाँ छोड़ते चलते हैं सफर मेंशायद कभी किसी को अपनी तलाश हो

— साहिल
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