बात में उसकी शहद घुला सा लगता है

मय में मीठा ज़हर मिला सा लगता है


आंखों के सेहरा में थोड़ा पानी है

दिल में कोई दर्द बचा सा लगता है


यादों के मेहमान जो आएँ शाम ढले

ख़ाली घर भी ख़ूब भरा सा लगता है


- साहिल

Twitter: @Saahil_77