इस तरह रात हम बिताते हैं

चाँद बुझता है दिल जलाते हैं


हम उसे काली रात कहते हैं

वो जिसे रौशनी बताते हैं


उनको डर है मेरे सवालों का

हम जवाबों से ख़ौफ़ खाते हैं


रात भर टांकते हैं आंखों में

ख़्वाब दिन में उधेड़े जाते हैं 


- साहिल

Twitter: @Saahil_77