कट के बूढ़ा पेड़ गिरा, दिया सभी को लाभ
अम्मा चूल्हा फूंकती, बच्चे पढ़े किताब
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झूठ उफनता बाढ़ सा, कैसे मिटे अज़ाब
गंगा जैसी धार है, पढ़ के देख किताब
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कुछ पन्ने पीले पड़े, कुछ की मिटी लिखान
जो धुंधला सा दीखता, असल वही बस ज्ञान
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ना ख़ंजर, बन्दूक ही, ना ही तीर-कमान
ब्रह्म अस्त्र हैं पुस्तकें, मारें सब अज्ञान
- साहिल
Twitter: @Saahil_77
