बने रिश्ते बिगाड़े जा रहे हैं
दिलों में कील गाड़े जा रहे हैं
बड़े मुद्दों को दफ़नाने की ख़ातिर
गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं
हवाई महल में महफूज़ हैं सब
बसे घर सब उजाड़े जा रहे हैं
महज़ पन्ने नहीं वो आईने हैं
जो इतिहासों से फाड़े जा रहे हैं
- साहिल
@Saahil_77
