रंगीले चमकीले बादल, सबके मन को भाये
अब इनसे तेज़ाब बरसता, सारा शहर जलाये
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भूख, ग़रीबी, बेकारी, इन पर क्या दें वोट?
हिन्दू-मुस्लिम बन के दें, इक दूजे को चोट
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अगर मगर में शब गयी, टूटे सारे ख़्वाब
मन के लिये सवाल भी, मन के दिये जवाब
-साहिल
Twitter: @Saahil_77


