काले दिल को देख के, कालिख भी हैरान
मज़हब की चाकी चले, पिसा करे इन्सान
----------xx----------
अपनी करनी ना दिखे, दूजा दिखता नाग
अजब सियासी खेल है, आग बुझाये आग
- साहिल
(Twitter: @Saahil_77)


काले दिल को देख के, कालिख भी हैरान
मज़हब की चाकी चले, पिसा करे इन्सान
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अपनी करनी ना दिखे, दूजा दिखता नाग
अजब सियासी खेल है, आग बुझाये आग
- साहिल
(Twitter: @Saahil_77)