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चाँद (दोहे)


खूँटी पे मीनार की, टंगा हुआ था चाँदछप्पर इतना दूर था, पहुँच सका ना चाँद

तुझसे करवा चौथ है, तुझको देखे ईदबँटे हुए इंसान की, चंदा तू उम्मीद

भूखे को रोटी लगे, दिखे कटोरी दालहाथ बढ़ा के देख ले, चंदा भी कंगाल- साहिलTwitter: @Saahil_77

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