ये जो आगे से भीड़ आती है

जाने डरती है या डराती है


कोई पत्थर कहीं से उठता है

कोई एक चीख़ कहीं आती है


वो जो ज़ुबाँ से क़त्ल करते है

भीड़ बरबस गले लगाती है  


न कोई नाम, न कोई चेहरा

नाम कितने मगर मिटाती है


- साहिल


Twitter: @Saahil_77



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