आज जाने क्या हुआ, हैरत हुई
आज मेरी भावना आहत हुई
शोर फिर से था गली के मोड़ पर
ख़ून बिखरा था गली के मोड़ पर
लोग हँसते थे, अजब वहशत हुई
आज मेरी भावना आहत हुई
मंदिर-ओ-मस्जिद से उठते शोर हैं
लोग अब इन्सां नहीं, कुछ और हैं
धर्म पे मेरे यूँ सियासत हुई
आज मेरी भावना आहत हुई
- साहिल
Twitter: @Saahil_77
