बे-'अक़्लों से लड़े रहेअक़्ल पे पत्थर पड़े रहेछोटी सोच समझ वालेलफ्फ़ाज़ी में बड़े रहेबाहर बाहर ख़ुशबू थीभीतर भीतर सड़े रहेकुर्सी पकड़े बैठे हैंचुनाव में जो खड़े रहेलाख डराया झूठों नेहम सच्चे थे अड़े रहेसाहिलTwitter: @Saahil_77
बे-'अक़्लों से लड़े रहेअक़्ल पे पत्थर पड़े रहे
छोटी सोच समझ वालेलफ्फ़ाज़ी में बड़े रहे
बाहर बाहर ख़ुशबू थीभीतर भीतर सड़े रहे
कुर्सी पकड़े बैठे हैंचुनाव में जो खड़े रहे
लाख डराया झूठों नेहम सच्चे थे अड़े रहे
साहिलTwitter: @Saahil_77