दिल की फितरत नहीं संवर जाना
हमने यूं ज़िंदगी संवारी है
अब तो चाहे हलाक़ कर डालो
यह मिरी ज़िंदगी तुम्हारी
✍️ साहिल फारूकी अमरोहवी
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दिल की फितरत नहीं संवर जाना
हमने यूं ज़िंदगी संवारी है
अब तो चाहे हलाक़ कर डालो
यह मिरी ज़िंदगी तुम्हारी
✍️ साहिल फारूकी अमरोहवी
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