जब अकेला इंसान वजूद की जंग

लड़ रहा हो

विरोधियों का तीखा प्रहार हो रहा हो

कोई तो कारवां से जुड़ने का साहस

करेगा

शायद यही वक्त का तकाजा है जो

कभी महलों में रहता था

आज इन पथरीले रास्तों पर चलने

का इरादा है,

हौसला रखने वालों का तो वक्त भी

साथ देता है

कारवां बढ़ता रहेगा तो सफर आसान

मंजिल निशान बनता है।।