मजहब का उबाल पूरे देश में गहराया है

हिंदू मुस्लिम दोनों धर्मों में तनाव बढ़ आया है,

हमारे जीभ को बत्तीस दांतों में रहना होता है

क्योंकि जीभ जब चले तो बेलगाम ना हो

जैसे बेलगाम घोड़ा सवार को गिरा देता है,

बेलगाम शब्दों के बाण पतन का कारण

बन जाते हैं,

अपने जीभ को मर्यादा की सीमा रखना होगा

हर धर्म संप्रदाय को मान सम्मान देना होगा,

कुछ शब्दों के अमर्यादित बोल से देश में

तनाव गहराया है,

सामाजिक ताने बाने पर संकट बड़ा आया है ।।