तीर जब जब निकलता है तोघायल करता ही हैकहते हैं तीर को एहसास नहीं होताकि वह किसे घायल करता है ।वो तो तीर चलाने वाला हीजानता हैतीर जब किसी के उम्मीद कोछलनी करता हैजिंदगी भर उसका दर्द रहता ही है ।।