ए जिंदगी बड़ी तेज रफ्तार है तेरी

थोड़ा आहिस्ता चल

समझने तो दे जो आया है पड़ाव है

या मंजिल मेरी ।

जिंदगी सदैव गतिशील है हर दिन हर पल

नए नए पड़ाव आते हैं

कभी खुशी के या कभी गम के

जिंदगी की रफ्तार को हम समझ पाते

तब तक कारवां आगे बढ़ जाता है ।


Posted bySahdeosingh