आम इंसान की जिंदगी की जुफ्तजू
रोज के बदलते हालात और उसका असर
यही तो है तारक मेहता का उल्टा चश्मा का
बढ़ता सफर,
अलग अलग व्यवसायों में उलझे लोग
और उनमें बनते बिगड़ते मसलों से निपटते
जीवन में कभी खुशियों का बुलबुला
तो कभी हो हल्ला,
कहीं नाराजगी छिपी रिश्तों में कभी उन रिश्तों
में एक दूसरे के प्रति समर्पण,
यही है तारक मेहता का आकर्षण,
आम जीवन से जुड़ी घर घर की कहानी
जिसमें हंसी खुशी मधुर रिश्तों के नोंक झोंक
उनसे निकलते प्यार टकराव बिखराव
और फिर एकता का समर्पण ।
अलग अलग किरदारों के अलग अलग झलकियां
कभी व्यंग कभी तल्खियां,
बुजुर्ग के प्रति आदर और सम्मान
आम जनमानस को संदेश महान,
इन्हीं जीवन की खट्टी मीठी सुख दुख
साथ साहचर्य का एक कौमी गुलदस्ता
यही है गोकुलधाम का खुशियां का गुलिस्तां ।।


