कभी कभी तन्हाइयां

बेचैन कर देती हैं

जीवन के हंसी पल खो देने का

गम देती हैं

बीता हुआ वो पल वापस आ

नहीं सकता,

पर कुछ खोने का दर्द अवश्य

देती हैं,

जब भी आस पास नजर जाती है

एक सन्नाटा की तासीर बन जाती है

रेत के घरौंदे की तरह बिखर गए रिश्ते

बस तन्हाई ही तन्हाई करीब आती है ।।