सुनना ही है हम सबको कहना नहीं गवारा
ये कैसा दौर है “देव”
सिर्फ सुनना ही फर्ज हमारा ।
ये शमा कह रही है जलते ही रहना किस्मत
जल जल कर बुझ जाओगे
यही तुम्हारी फितरत,
ये जिंदगी तुम्हारी तुमसे ही यूं खफा है
गुमनामियों के खाई में हर आरजू दबा है,
बस यूं ही जलते बुझते रहना
जीवन का हर गम सहना
कुछ भी ना कहना कुदरत की इल्तज़ा है ।।

