देश हमारा धर्म निरपेक्ष है भाई,

हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में सब भाई भाई

भाई भाई उलझ रहे मंदिर मस्जिद की है लड़ाई

पूजा श्रद्धा आस्था सब धर्मों में

यही संस्कृति शादियों से आई,

फिर किस बात की लड़ाई ।

पंडित मौलवी पादरी सब सूत्र हैं समरसता,

समाज के पथ प्रदर्शक हैं ये

अपने धर्म ग्रंथों के ज्ञाता हैं ,

जब धर्मों की टकराव बढ़ेगी इनकी

जिम्मेदारी अधिक रहेगी, विघटन को विराम

लगेगा सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा ।

सदियों की अपनी पहचान पर गर्व करेगा

हिंदुस्तान,

अपने गौरव गाथा पर सदा रहेगा हमें अभिमान ।।