शब्द शाश्वत's image
Share0 Bookmarks 60443 Reads0 Likes

शब्दों की जुगल बंदी से बनती है कविता

जीवन को संदेश देती ऐसी है कविता

निराशा में आशा का ज्योति जलाए

बुझते चिराग में विश्वास का तेल डाले

जीने की आरजू को जगाती है कविता ।

भटके हुए लोगों को पल पल

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts